Wednesday, 11 January 2017

Hindi Quiz For CTET Exams 2017


Directions (1-5): निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

गत बीस वर्षों में भारत के प्रत्येक नगर में कारखानों की जितनी तेजी से वृद्धि हुई है उससे वायुमण्डल पर बहुत प्रभाव पड़ा है क्योंकि इन कारखानों की चिमनियों से चोबीसों घण्टे निकलने वाले धुएँ ने सारे वातावरण को विषाक्त बना दिया है। सड़कों पर चलने वाले वाहनों की संख्या में तेजी से होने वाली वृद्धि भी वायु प्रदूषण के लिए पूरी तरह उत्तरदायी है। आज असंख्य प्रकार की साँस और फेफड़ों की बीमारियाँ आम बात हो गई है। बढ़ती हुई जनसंख्या, लोगों का शहरों की ओर पलायन भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रदूषण का कारण है। शहरों की बढ़ती जनसंख्या के लिए सुविधाएँ जुटाने हेतु वृक्षों और वनों को भी निरन्तर काटा जा रहा है।

Q1. उपरोक्त गद्यांश में तद्भव शब्द है
(a) धुआँ
(b) वृद्धि
(c) वायु
(d) प्रदूषण

Q2. ईकारान्त शब्द से निर्मित बहुवचन शब्द है
(a) उत्तरदायी
(b) बीमारियाँ
(c) सुविधाएँ
(d) साँसें

Q3. क्रिया विशेषण है
(a) लोगों का शहरों की ओर पलायन
(b) फेफड़ों की बीमारियाँ
(c) शहरों की ओर पलायन
(d) निरन्तर काटा जा रहा है

Q4. निम्नलिखित में सार्वनामिक विशेषण है
(a) इन कारखानों
(b) चैबीसों घण्टे
(c) गत बीस वर्षों
(d) असंख्य

Q5. निम्नलिखित में कौन-सा अपूर्ण वर्तमान प्रयोग है?
(a) आम बात हो गई है
(b) वनों को भी निरन्तर काटा जा रहा है
(c) वायुमण्डल पर बहुत प्रभाव पड़ा है
(d) सारे वातावरण को विषाक्त बना दिया है

Directions (6-10): निम्नलिखित काव्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
थूके, मुझ पर त्रैलोक्य भले ही थूके,
जो कोई जो कह सके, कहे क्यों चूके?
छीने न मातृपद किंतु भरत का मुझसे
रे राम दुहाई करूँ और क्या तुझसे?
कहते आते थे यही अभी नरदेही,
माता न कुमाता, पुत्र कुपुत्र भले ही।
अब कहें सभी यह हाय! विरुद्ध विधाता,
‘है पुत्र पुत्र ही, रहे माता कुमाता।’
बस मैंने इसका बाह्य-मात्र ही देखा,
दृढ़ हृदय न देखा मृदुल गात्र ही देखा।

Q6. कैकेयी की किस मानसिक दशा की अभिव्यक्ति उपरोक्त काव्यांश में हो रही है?
(a) चिंता
(b) पश्चाताप और ग्लानि
(c) पुत्र प्रेम
(d) क्रोध

Q7. उपरोक्त काव्यांश का मूलभाव है
(a) छीने न मातृपद किन्तु भरत का मुझसे
(b) कहते आते थे यही अभी नरदेही
(c) जो कोई जो कह सके
(d) बस मैंने इसका बाह्य-मात्र ही देखा

Q8. ‘बस मैंने इसका बाह्य-मात्र ही देखा’ कथन का भाव है
(a) कैकेयी ने भरत को समझा नहीं
(b) वह भरत की शक्ति को पहचान गई
(c) भरत के मन को न समझा पाई
(d) वह माता का कर्तव्य न कर सकी

Q9. इस काव्यांश में मूल विचार है
(a) है पुत्र पुत्र ही, रहे माता कुमाता
(b) अब कहें सभी यह हाय! विरुद्ध विधाता,
(c) हे! राम भरत को क्षमा करिए
(d) हे राम दुहाई करुँ और क्या तुझसे?

Q10. इस काव्यांश का शिल्प सौन्दर्य है
(a) ‘बाह्य-मात्र’, ‘मृदुल गात्र’, जैसे तत्मस शब्दों के कारण
(b) सरल और सहज भावावेगमयी भाषा के कारण
(c) ‘माता न कुमाता, पुत्र कुपुत्र’ उक्ति के कारण
(d) ‘थूके, मुझ पर त्रैलोक्य भले ही थूके उक्ति के कारण




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